Mobile Banned Guidelines: उत्तराखंड सरकार ने चार धाम यात्रा को और अधिक पवित्र और अनुशासित बनाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों में अब मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। यह फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक माहौल को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। चार धाम यात्रा 2026 सीजन से पहले यह नियम लागू होने की संभावना है, जो लाखों तीर्थयात्रियों को प्रभावित करेगा।
सरकार के अधिकारियों के अनुसार, मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। श्रद्धालु अपने फोन को प्रवेश द्वार पर जमा कराने होंगे या उन्हें बंद रखना होगा। यह नियम सेल्फी लेने, वीडियो रिकॉर्डिंग या सोशल मीडिया अपडेट जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए है, जो अक्सर भीड़भाड़ और असुविधा का कारण बनती हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मोबाइल सिग्नल की वजह से होने वाले विकर्षण को भी कम करने का प्रयास है। पर्यटन विभाग के सचिव ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि तीर्थयात्री पूरी तरह से भक्ति में लीन रहें, बिना किसी आधुनिक distractions के।”
यह गाइडलाइन चार धाम यात्रा रूट पर लागू होगी, जहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। पिछले सालों में मोबाइल इस्तेमाल से जुड़ी कई घटनाएं सामने आईं, जैसे कि फोटो खींचते समय दुर्घटनाएं या मंदिर में शोर-शराबा। अब, मंदिर समितियां सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा कर्मियों की मदद से इसकी निगरानी करेंगी। उल्लंघन करने पर जुर्माना या यात्रा से बाहर करने की सजा हो सकती है।
श्रद्धालुओं के लिए सुविधा के तौर पर, मंदिरों के बाहर स्पेशल काउंटर बनाए जाएंगे जहां फोन चार्जिंग और सेफ डिपॉजिट की व्यवस्था होगी। साथ ही, इमरजेंसी कॉल के लिए विशेष फोन बूथ उपलब्ध कराए जाएंगे। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम मोबाइल रेडिएशन और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को कम करने में भी मददगार साबित होगा। चार धाम यात्रा के दौरान ट्रैफिक जाम और प्रदूषण जैसी समस्याओं को देखते हुए, सरकार हेलीकॉप्टर सेवाओं और ईको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दे रही है।
तीर्थयात्रियों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली हैं। कुछ इसे धार्मिक शुद्धता के लिए अच्छा कदम मानते हैं, जबकि युवा श्रद्धालु सोशल मीडिया से दूर रहने को चुनौतीपूर्ण बताते हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “मंदिर में शांति होनी चाहिए, फोन की घंटियां नहीं।” सरकार ने यह भी घोषणा की है कि नई गाइडलाइन के बारे में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और यात्रा टिप्स शामिल होंगे।
यह बदलाव चार धाम यात्रा को अधिक सुरक्षित और आध्यात्मिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। श्रद्धालुओं से अपील है कि वे इन नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को यादगार बनाएं। अधिक जानकारी के लिए उत्तराखंड पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर संपर्क करें।
