Wireless Electricity: एनर्जी सेक्टर में एक क्रांतिकारी बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। फिनलैंड के वैज्ञानिकों ने वायरलेस पावर टेक्नोलॉजी में बड़ी सफलता हासिल की है, जहां बिजली को हवा के माध्यम से बिना तारों के ट्रांसमिट किया जा सकता है। यह ब्रेकथ्रू न केवल घरेलू उपयोग को आसान बनाएगा बल्कि इंडस्ट्री और IoT डिवाइसेज को भी बदल देगा।
वायरलेस पावर ट्रांसमिशन की यह तकनीक अल्ट्रासोनिक साउंड वेव्स, लेजर और रेडियो फ्रीक्वेंसी का उपयोग करती है। यूनिवर्सिटी ऑफ हेलसिंकी और यूनिवर्सिटी ऑफ ओउलू के शोधकर्ताओं ने ‘एकॉस्टिक वायर’ नामक सिस्टम विकसित किया है, जो बिजली को संपर्क रहित तरीके से भेजता है। प्रयोगों में, उन्होंने हवा में बिजली को सफलतापूर्वक प्रवाहित किया, जो पारंपरिक केबल्स की जरूरत को खत्म कर सकता है।
यह सफलता फिनलैंड की इनोवेशन ड्राइव का हिस्सा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक स्मार्ट सिटीज़ के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। घरों में प्लग और सॉकेट्स की जगह वायरलेस चार्जिंग सिस्टम आएंगे, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स ड्राइविंग के दौरान चार्ज होंगे, और फैक्टरियां केबल-फ्री हो जाएंगी। हालांकि, अभी यह प्रयोगात्मक स्तर पर है, लेकिन 95% से ज्यादा एफिशिएंसी दिखाई गई है।
एनर्जी एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह ब्रेकथ्रू क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देगा। रिन्यूएबल सोर्सेज से बिजली को दूर-दराज इलाकों में आसानी से पहुंचाया जा सकेगा, जिससे एनवायरनमेंटल इम्पैक्ट कम होगा। फिनलैंड सरकार इस तकनीक को कमर्शियल बनाने के लिए फंडिंग बढ़ा रही है, और जल्द ही ग्लोबल मार्केट में इसका असर दिखेगा।
हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं। सेफ्टी, स्केलेबिलिटी और रेगुलेटरी हर्डल्स को पार करना बाकी है। लेकिन फिनलैंड की यह सफलता वायरलेस एनर्जी रेवोल्यूशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दुनिया भर के देश अब इस पर नजर रखे हुए हैं।
यह तकनीक भविष्य की एनर्जी जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी। इंडस्ट्री लीडर्स का मानना है कि इससे एनर्जी सेक्टर में भूचाल आएगा, और पारंपरिक सिस्टम्स पुराने हो जाएंगे। फिनलैंड ने एक बार फिर साबित किया कि छोटे देश भी बड़ी इनोवेशन्स कर सकते हैं।
