Budget 2026 Expectations: नई दिल्ली- जैसे जैसे 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले संघीय बजट 2026 की तारीख नजदीक आ रही है, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर में उत्साह और अनिश्चितता दोनों का माहौल है। पिछले कुछ वर्षों में भारत में EV की बिक्री ने रफ्तार पकड़ी है, जहां 2025 में 2.3 मिलियन से ज्यादा यूनिट्स बिकीं। लेकिन अब सवाल यह है कि क्या बजट 2026 EV खरीदारों के लिए खुशखबरी लेकर आएगा या फिर इंतजार की घड़ियां लंबी होंगी? EV इंडस्ट्री की अपेक्षाएं मुख्य रूप से सब्सिडी, टैक्स रिलीफ, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और लोकलाइजेशन पर केंद्रित हैं।
EV सेक्टर की ग्रोथ को देखते हुए, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट में EV को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उदाहरण के लिए, EV कंपोनेंट्स पर ड्यूटी रेशनलाइजेशन की मांग जोरों पर है। वर्तमान में EV पर 5% GST है, जबकि चार्जिंग सर्विसेज पर 18% GST लगता है। इसे 5% पर लाने से EV यूजर्स के लिए कॉस्ट कम होगी और एडॉप्शन बढ़ेगा। साथ ही, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए नए इंसेंटिव्स और गीगाफैक्टरीज को सपोर्ट की उम्मीद है, जो भारत को EV मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में मदद करेगा।
ऑटो इंडस्ट्री के दिग्गजों जैसे JSW MG Motor India के MD अनुराग मेहरोत्रा ने कहा कि EV कंपोनेंट्स पर ड्यूटी रेशनलाइजेशन और लोकलाइजेशन को बढ़ावा देने से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग मजबूत होगी। वहीं, Volvo Car India के MD ज्योति मल्होत्रा ने ग्लोबल मैन्युफैक्चरर्स के लिए इंसेंटिव्स की मांग की है, ताकि सस्टेनेबल मोबिलिटी में निवेश बढ़े। दो-पहिया और तीन-पहिया EV के लिए टारगेटेड सब्सिडी की भी अपेक्षा है, क्योंकि ये सेगमेंट मास मार्केट में EV एडॉप्शन की कुंजी हैं।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इंडस्ट्री का कहना है कि बजट में चार्जिंग को नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा देकर फंडिंग बढ़ाई जाए। EY India की पार्टनर पारुल नागपाल ने बताया कि PLI स्कीम को EV और ऑटो सेक्टर में विस्तार देने से इंडियन कंपनियों की कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ेगी। इसके अलावा, R&D के लिए सपोर्ट और स्टेबल टैक्स पॉलिसी से लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट को बूस्ट मिलेगा।
हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि अगर बजट में EV के लिए स्पष्ट रोडमैप नहीं आया, तो सेक्टर की ग्रोथ रुक सकती है। PwC की रिपोर्ट के अनुसार, बजट में ‘मेक इन इंडिया’ के प्रायोरिटी सेक्टर्स जैसे EV, रिन्यूएबल एनर्जी और डिफेंस पर फोकस रहेगा। लेकिन फाइनेंसिंग बॉटलनेक को दूर करने की जरूरत है, ताकि EV बायर्स आसानी से लोन ले सकें।
कुल मिलाकर, बजट 2026 EV सेक्टर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। अगर सरकार इंडस्ट्री की अपेक्षाओं पर खरी उतरी, तो EV खरीदारों के लिए खुशखबरी होगी – सस्ती गाड़ियां, बेहतर इंफ्रा और ग्रीन मोबिलिटी। लेकिन अगर फोकस केवल इंक्रीमेंटल चेंजेस पर रहा, तो इंतजार जारी रहेगा। अब देखना यह है कि वित्त मंत्री क्या सरप्राइज लेकर आती हैं।
