नई दिल्ली: Gautam Gambhir को भारतीय क्रिकेट टीम का हेड कोच बनाए जाने के बाद से ही उम्मीदें आसमान पर थीं। आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स को चैंपियन बनाने वाले गंभीर से टीम इंडिया को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की अपेक्षा थी। लेकिन 2024 में शुरू हुए उनके कार्यकाल में अब तक का सफर निराशाजनक रहा है। टीम इंडिया के नाम 17 नकारात्मक रिकॉर्ड जुड़ चुके हैं, जबकि 5 फैसले ऐसे हैं जो लगातार विवाद का कारण बने हुए हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से।
टीम इंडिया के 17 नकारात्मक रिकॉर्ड
गौतम गंभीर के कोचिंग काल में टीम इंडिया ने कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए जो इतिहास में काले अक्षरों से लिखे जाएंगे। इनमें से कुछ प्रमुख हैं:
- 25 सालों में सबसे खराब टेस्ट जीत प्रतिशत: गंभीर के नेतृत्व में 18 टेस्ट मैचों में सिर्फ 38.9% जीत दर, जो डंकन फ्लेचर के बाद सबसे कम है। यहां तक कि ग्रेग चैपल का रिकॉर्ड भी बेहतर था।
- घरेलू टेस्ट सीरीज में न्यूजीलैंड से 0-3 की हार: 12 सालों में पहली बार घर में टेस्ट सीरीज हारी टीम इंडिया।
- दक्षिण अफ्रीका से घरेलू टेस्ट सीरीज हार: गुवाहाटी टेस्ट में 408 रनों की रिकॉर्ड हार, जो टीम के इतिहास की सबसे बड़ी हारों में से एक है।
- 27 सालों बाद श्रीलंका से द्विपक्षीय वनडे सीरीज हार: यह हार गंभीर के कार्यकाल की शुरुआत में ही आई।
- घरेलू मैदान पर लगातार 4 टेस्ट हार: पिछले 6 घरेलू टेस्ट में सिर्फ 2 जीत, 4 हार।
- विराट कोहली और रोहित शर्मा का टेस्ट से संन्यास: दोनों के अचानक संन्यास ने टीम की बैटिंग को कमजोर किया।
- रविचंद्रन अश्विन का विवादास्पद रिटायरमेंट: अश्विन ने अचानक संन्यास लिया, जिसकी टाइमिंग पर सवाल उठे।
- नंबर 3 पोजीशन पर अस्थिरता: कई खिलाड़ियों को ट्राय किया गया, लेकिन कोई स्थिर नहीं रहा।
- सबसे कम टेस्ट जीत दर पिछले 25 सालों में: 9 हार के साथ 18 मैच।
- चैंपियंस ट्रॉफी जीत के बावजूद ओवरऑल खराब प्रदर्शन: सफेद गेंद में कुछ सफलता, लेकिन लाल गेंद में फेल।
- इंग्लैंड के खिलाफ संदिग्ध टैक्टिक्स: सीरीज में फैसले गलत साबित हुए।
- टीम में खिलाड़ियों से खराब रिलेशन: रिपोर्ट्स में खिलाड़ियों से विवाद की खबरें।
- ईडन गार्डन्स में 30 रनों से हार: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ करीबी मैच गंवाया।
- न्यूजीलैंड से घर में व्हाइटवॉश: पहली बार ऐसा हुआ।
- सीनियर खिलाड़ियों का प्रभाव कम होना: युवाओं पर ज्यादा फोकस, लेकिन रिजल्ट नहीं।
- सबसे ज्यादा घरेलू टेस्ट हार: गंभीर के दौर में रिकॉर्ड टूटे।
- कुल 10 टेस्ट हार: गंभीर के आने के बाद से।
ये रिकॉर्ड दिखाते हैं कि टीम इंडिया की घरेलू बादशाहत खत्म हो रही है। जहां पहले भारत घर में अजेय था, वहीं अब विदेशी टीमें यहां जीत रही हैं।
5 विवादास्पद फैसले
गंभीर के कुछ फैसलों ने टीम को विवादों में घसीटा:
- अश्विन को ड्रॉप करना: वॉशिंगटन सुंदर को प्राथमिकता दी, जो अश्विन के संन्यास का कारण बना।
- कोहली-रोहित का संन्यास: रिपोर्ट्स कहती हैं कि गंभीर ने उन्हें साइडलाइन किया, जो टीम बैलेंस बिगाड़ा।
- बैटिंग ऑर्डर में लगातार बदलाव: नंबर 3 पर अस्थिरता से टीम कमजोर हुई।
- टैक्टिकल गलतियां: न्यूजीलैंड सीरीज में रणनीति फेल, रोहित का बयान विवादास्पद।
- खिलाड़ियों से रिलेशन: सीनियर प्लेयर्स से मतभेद, जो मीडिया में लीक हुए।
ये फैसले गंभीर की कोचिंग स्टाइल पर सवाल उठाते हैं। जहां वे आक्रामक हैं, वहीं टीम मैनेजमेंट में कमी दिखी।
