मिलान, इटली | 18 फरवरी 2026
मिलानो कोर्टिना विंटर ओलंपिक 2026 में महिला फिगर स्केटिंग प्रतियोगिता में जापान की 17 वर्षीय युवा स्केटर एमी नाकाई ने मंगलवार को शॉर्ट प्रोग्राम में शानदार प्रदर्शन करते हुए 78.71 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। नाकाई ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाते हुए न केवल अपनी टीम की साथी कओरी साकामोटो को पीछे छोड़ा, बल्कि अमेरिकी स्केटरों की तीनों “ब्लेड एंजल्स” को भी चुनौती दे डाली।
ट्रिपल एक्सल से मचाया धमाल
मिलानो आइस स्केटिंग एरिना में हुए इस रोमांचक मुकाबले में नाकाई ने अपनी स्केटिंग की शुरुआत में ही ट्रिपल एक्सल का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे देखते ही उनके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। इस कठिन जंप को पूरा करने के बाद उन्होंने ट्रिपल लूप-ट्रिपल टो लूप कॉम्बिनेशन भी बेहतरीन तरीके से पूरा किया। नाकाई ने प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा टेक्निकल स्कोर हासिल किया, जो उनकी कुशलता और तैयारी को दर्शाता है।
प्रदर्शन के बाद नाकाई ने कहा, “ट्रिपल एक्सल सफल होने के बाद मैंने बस यही सोचा कि बाकी स्केट का भी आनंद लूं। मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि ओलंपिक जैसे मंच पर मुझे इतना अच्छा स्कोर मिला। यह सपने जैसा लग रहा है।” महज़ एक साल पहले जापानी राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 15वें स्थान पर रहने वाली नाकाई ने इस सीज़न में ग्रां प्री फाइनल में रजत पदक जीतकर सभी को चौंका दिया था।
साकामोटो दूसरे स्थान पर, अमेरिका की ल्यू तीसरे नंबर पर
तीन बार की विश्व चैंपियन और बीजिंग 2022 की कांस्य पदक विजेता कओरी साकामोटो ने 77.23 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। 25 वर्षीय साकामोटो ने “टाइम टू से गुडबाय” गीत पर अपनी भावनात्मक प्रस्तुति दी और प्रोग्राम कंपोनेंट्स में रात का सबसे अच्छा स्कोर हासिल किया। उन्होंने अपने ट्रिपल लूज़, डबल एक्सल और ट्रिपल फ्लिप-ट्रिपल टो लूप कॉम्बिनेशन को बेहतरीन तरीके से अंजाम दिया।
अमेरिका की 2025 विश्व चैंपियन अलीसा ल्यू तीसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने 76.59 अंक बनाए। चार साल पहले 2022 बीजिंग ओलंपिक के बाद सेवानिवृत्त होने वाली ल्यू पिछले साल वापसी करते हुए विश्व खिताब जीतकर सभी को हैरान कर चुकी हैं। उन्होंने अपनी प्रस्तुति में ट्रिपल लट्ज़-ट्रिपल लूप कॉम्बिनेशन में मामूली कमी के बावजूद साफ स्केट की।
अमेरिकी टीम को बड़ा झटका
अमेरिका की “ब्लेड एंजल्स” टीम को शॉर्ट प्रोग्राम में बड़ा झटका लगा। तीन बार की अमेरिकी चैंपियन एम्बर ग्लेन, जिनके पास नाकाई के बाद एकमात्र ट्रिपल एक्सल था, एक बड़ी गलती की शिकार हो गईं। उन्होंने ट्रिपल लूप को डबल में बदल दिया, जिससे उन्हें उस एलिमेंट के लिए कोई अंक नहीं मिला। इस गलती से वह 67.39 अंकों के साथ 13वें स्थान पर फिसल गईं और मेडल की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं।
18 वर्षीय इसाबेयू लेवितो भी अपेक्षा से कम प्रदर्शन करते हुए 70.84 अंकों के साथ आठवें स्थान पर रहीं। स्टेप सीक्वेंस में लेवल खोने से उनके स्कोर पर असर पड़ा। केवल अलीसा ल्यू ही अमेरिकी टीम की उम्मीद बनकर उभरी हैं, जो गुरुवार को होने वाले फ्री स्केट में पोडियम पर पहुंचने की कोशिश करेंगी।
जापान का तीन स्केटर टॉप-4 में
जापान के लिए यह शाम बेहद सफल रही क्योंकि उनकी तीनों स्केटर टॉप-4 में जगह बनाने में सफल रहीं। नाकाई और साकामोटो के अलावा मोने चिबा 74.00 अंकों के साथ चौथे स्थान पर हैं। चिबा ने “लास्ट डांस” पर अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी और प्री-रूटीन घबराहट को दूर करते हुए शानदार प्रदर्शन किया।
चिबा ने कहा, “चूंकि मैं आज आखिरी स्केटर थी, इसलिए मैं बहुत घबराई हुई थी। छह मिनट की प्रैक्टिस के दौरान मुझे बहुत चिंता हो रही थी। लेकिन इस मंच पर इस तरह से प्रदर्शन करने में सक्षम होने से मैं वाकई खुश हूं।”
रूसी स्केटर पेत्रोसियन का सरप्राइज़ परफॉर्मेंस
प्रतियोगिता में एक बड़ा सरप्राइज़ रूस की 18 वर्षीय एडेलिया पेत्रोसियन ने दिया, जो व्यक्तिगत तटस्थ एथलीट (AIN) के रूप में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से प्रतिबंध के कारण दुनिया ने पेत्रोसियन को बहुत कम देखा है। लेकिन मंगलवार रात उन्होंने माइकल जैक्सन के गीतों की मेडली पर शानदार प्रदर्शन करते हुए 72.89 अंकों के साथ पांचवां स्थान हासिल किया।
तीन बार की रूसी राष्ट्रीय चैंपियन पेत्रोसियन ने अपने डबल एक्सल, ट्रिपल लट्ज़ और ट्रिपल फ्लिप-ट्रिपल टो लूप कॉम्बिनेशन को आसान बना दिया। विवादास्पद कोच एटेरी टुटबेरिडज़े द्वारा प्रशिक्षित पेत्रोसियन ने IOC की जांच में पास होने के बाद जापान में एक क्वालीफाइंग इवेंट जीता था।
गुरुवार को होगा फाइनल शोडाउन
फिगर स्केटिंग महिला इवेंट का फ्री स्केट गुरुवार, 19 फरवरी को होगा, जहां नाकाई अपनी बढ़त बनाए रखने की कोशिश करेंगी। हालांकि, फ्री स्केट में अंकों की वेटेज ज्यादा होने के कारण कुछ भी हो सकता है। साकामोटो, जो अपने तीसरे और आखिरी ओलंपिक में भाग ले रही हैं, स्वर्ण पदक जीतने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
नाकाई ने अपनी रणनीति के बारे में बताया, “अगर ईमानदारी से पूछें तो हां, मैं मेडल चाहती हूं। लेकिन मैं इन ओलंपिक में सिर्फ नतीजों पर फोकस करके नहीं आई हूं। मैं यह देखने के लिए उत्सुक हूं कि मैं इन ओलंपिक का कितना आनंद ले सकती हूं और उम्मीद है कि मैं आखिरी क्षण तक इसका आनंद ले सकूंगी।”
अमेरिका क्यों रह गया पीछे?
अमेरिकी टीम की निराशाजनक शुरुआत कई कारणों से हुई। सबसे बड़ा कारण दबाव और ओलंपिक के माहौल में तकनीकी त्रुटियां रहीं। ग्लेन ने अपने सबसे बड़े हथियार ट्रिपल एक्सल को तो सफलतापूर्वक पूरा किया, लेकिन बाद में ट्रिपल लूप में गलती ने उनकी सभी मेहनत पर पानी फेर दिया। एक छोटी सी गलती ने उन्हें सात अंक गंवा दिए और मेडल दौड़ से बाहर कर दिया।
लेवितो के लिए यह उनका पहला व्यक्तिगत ओलंपिक था (टीम इवेंट में भाग नहीं लिया था), और अनुभव की कमी दिखाई दी। दूसरी ओर, जापानी स्केटरों ने शांत दिमाग और बेहतर तैयारी के साथ प्रदर्शन किया। नाकाई का आत्मविश्वास और साकामोटो का अनुभव उनके पक्ष में रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि जापान ने युवा प्रतिभाओं को तराशने में बेहतर काम किया है। नाकाई जैसी युवा स्केटरों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नियमित अनुभव मिला है, जबकि अमेरिकी स्केटरों पर घरेलू अपेक्षाओं का भारी दबाव रहा। NBC की कमेंटेटर तारा लिपिन्स्की ने टिप्पणी की, “हवा में एक घुमाव सब कुछ बदल देता है।”
ओलंपिक इतिहास में जापान की मजबूत स्थिति
जापान के लिए यह विंटर गेम्स काफी सफल साबित हो रहे हैं। फिगर स्केटिंग में महिला सिंगल्स के अलावा, पेयर्स इवेंट में रिकू मिउरा और र्युइची किहारा ने जापान का पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता है। 2018 के बाद से यह फिगर स्केटिंग में जापान का पहला गोल्ड मेडल है, जब युज़ुरु हान्यू ने पुरुष एकल में खिताब जीता था।
महिला फिगर स्केटिंग में जापान का दबदबा लंबे समय से रहा है। माओ असाडा, जो नाकाई की प्रेरणा हैं, ने 2010 वैंकूवर ओलंपिक में रजत पदक जीता था। अब नाकाई उनकी विरासत को आगे बढ़ाने की स्थिति में हैं।
